
भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और अमेरिका के वरिष्ठ नेता मार्को रुबियो ने भारत-अमेरिका के बीच हुए नए व्यापार समझौते का स्वागत किया है। दोनों नेताओं ने इसे द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती देने वाला कदम बताया।
इस अवसर पर दोनों पक्षों के बीच ऊर्जा सहयोग, परमाणु क्षेत्र, रक्षा साझेदारी और क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिज) जैसे रणनीतिक विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित और मजबूत बनाने के लिए इन क्षेत्रों में सहयोग बेहद जरूरी है।
डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत-अमेरिका साझेदारी केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रणनीतिक, तकनीकी और सुरक्षा सहयोग को भी नई दिशा दे रही है। वहीं मार्को रुबियो ने भारत को अमेरिका का “महत्वपूर्ण और भरोसेमंद साझेदार” बताते हुए दीर्घकालिक सहयोग पर जोर दिया।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह संवाद ऐसे समय में हुआ है जब दुनिया ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा आत्मनिर्भरता और दुर्लभ खनिजों की आपूर्ति को लेकर नई चुनौतियों का सामना कर रही है। भारत-अमेरिका सहयोग इन चुनौतियों से निपटने में अहम भूमिका निभा सकता है।
