लोकतंत्र पर सवाल: राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष से की शिकायत

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लोकसभा में बोलने का अवसर न मिलने पर ओम बिरला के समक्ष औपचारिक विरोध दर्ज कराया है। राहुल गांधी का कहना है कि सदन में उन्हें अपनी बात रखने से रोका गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।

क्या मामला है?

  • राहुल गांधी ने बताया कि उन्होंने लोकसभा में बोलने की अनुमति मांगी थी, लेकिन उन्हें मौका नहीं दिया गया।
  • इसके बाद उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष को लिखित रूप में अपनी आपत्ति सौंपते हुए इस घटना को “लोकतंत्र पर धब्बा” बताया।

राहुल गांधी की दलील

  • उनका कहना है कि संसद में विचार-विमर्श और असहमति लोकतंत्र की आत्मा है।
  • किसी निर्वाचित जनप्रतिनिधि को बोलने से रोकना, जनता की आवाज़ को दबाने जैसा है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

  • कांग्रेस का आरोप है कि विपक्ष की आवाज़ को लगातार सीमित किया जा रहा है।
  • वहीं, सत्तापक्ष का कहना है कि सदन की कार्यवाही नियमों और मर्यादा के अनुसार चलाई जाती है।

क्यों अहम है?

यह मुद्दा संसद में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, विपक्ष की भूमिका और संसदीय परंपराओं से जुड़ा है। ऐसे विवाद लोकतांत्रिक संस्थाओं के कामकाज पर व्यापक बहस को जन्म देते हैं।

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